जानलेवा प्रदूषण

आज की दुनिया समस्याओं से घिरी हुई हैं। और हम सभी अपनी-अपनी समस्याओ में व्यस्त रहते हैं। पर आज आपको सबसे बड़ी समस्या से रूबरू करना चाहते हैं। वायु -प्रदूषण ,ध्वनि प्रदूषण ,जल प्रदूषण, ये हम सब जानते हैं। कि वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा हैं। और हम सब उसका शिकार हो रहे हैं। पर हमने कभी ध्यान दिया। क्या इस बढ़ती समस्या पर जो हमारे अपनों की ज़िंदगी से खेल रहे हैं। हमारे अपनों की जाने ले रही हैं। आज हमे जरुरत हैं। जागरूक होने की और बढ़ते हुये प्रदूषण को ख़तम करने कि चाहे वो कोई भी प्रदूषण हो। वायु -प्रदूषण ,जल -प्रदूषण ,या ध्वनि -प्रदूषण ,ये सभी प्रदूषण हमारे अपनों को नुकसान पहुंचा रही हैं।

ध्वनि -प्रदूषण :- ध्वनि -प्रदूषण से हमे कई प्रकार की समस्या होती हैं। आज के आधुनिक युग में मोटर गाड़ियों स्वचालित वाहनों,लाउड-स्पीकरो कारखनो एव मशीनो का उपयोग काफी अधिक होने लगा हैं। जिनसे निकलने वाली आवाज हमे परेशान करने साथ हमारे स्वास्थ पर भी बुरा असर डालती हैं। उसे ध्वनि प्रदूषण कहते हैं।
सिर -दर्द ,थकान ,अनिद्रा ,त्रवण क्षमताओं कमजोरी ,चिड़चिड़ापन ,उत्तेजना आक्रोश आदि बीमारियों होती हैं। शहरों औधोगिक इकाईयो एव सड़को कई किनारे वृक्षारोपण करना चाहिये ये पेड़ ध्वनि शोषक कार्य करके ध्वनि -प्रदूषण को कम करते हैं।

जल -प्रदूषण :– गन्दा पानी पीने से लगभग 580 लोग प्रतिदिन यानि लगभग 2 लोग प्रति सेकेंड में मृत्यु का शिकार हो रहे हैं। और न जाने कितनी खतरनाक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जो बीमारियां इस प्रकार हैं। जैसे पेचिश ,मियादी बुखार ,अति-ज्वर,हैजा आदि लगभग हम सभी इन बीमारियों का बोझ उठा के जी रहे हैं।

वायु -प्रदूषण :- वायु -प्रदूषण की वजह से हर साल तकरीबन 33 लाख लोग यानि लगभग प्रतिदिन 900 लोग मृत्यु का शिकार हो रहे वही 2050 तक हर वर्ष तक़रीबन 66 लाख लोग अकाल -मृत्यु का शिकार हो सकते हैं। अगर वायु प्रदुषण के विर्रुद्ध कोई सक्षम कार्यवाही नहीं की गई तो ये आंकड़ा 2 गुना हो जायेगा। वायु -प्रदूषण के कारण होने वाले रोग ,कैंसर ,पाकिसेस रोग ,दिल -का दौरा, सांस की तकलीफ ,खांसी आदि बीमारियों ने हमे घेरा हुआ हैं।

ये जो लोग प्रतिदिन मृत्यु का शिकार हो रहे हैं। बीमार हो रहे हैं। प्रदूषण के कारण ये कौन हैं ? ये हमारे ही -अपने हैं क्योकि हर भारत-वासी में कही न कहीं कोई न कोई रिश्ता जरूर हैं। और हम दिन अपने एक रिश्तों को खो देते हैं। सिर्फ प्रदूषण के कारण /अगर हमें अपने अपनों को बचना हैं। और प्रदूषण को मुँह तोड़ जवाब देना हैं। तो इसका एक ही उपाय हैं। वृक्षारोपण आइये वृक्षारोपण करे और दूसरो को वृक्षारोपण करने को कहे जिससे प्रदूषण समाप्त हो जायेगा और हम अपने -अपनों को बचा पायेगे। आवो हमसब मिलकर किसान मजदूर सेना के कार्यकर्ता के रूप में यह शपथ लें की प्रदूषण को रोकने और हमारे देश हो प्रदूषण से रोकने के लिये योजना बद्ध तरीके से कार्य करेंगे।