किसानों की समस्याओं को लेकर गोण्डा ईकाई ने दिया माँगपत्र, ज्ञापन देते समय एडीएम ने की बदसलूकी

किसान मजदूर सेना ने किसानों की समस्याओं को लेकर मांग पत्र सौंपा। किसान मजदूर सेना के द्वारा किसान समस्याओं को लेकर 4 बिंदुओं को लेकर जिलाधिकारी/उप जिला अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में मुख्य बिंदु राष्ट्रीय किसान आयोग की सिफारिश लागू करवाना, गन्ना किसानों के भुगतान को तुरंत करवाना, द फार्मर प्रोड्यूसर ट्रेड एंड कमर्स प्रमोशन एंड एफीलिएशन 2020, को तुरंत वापस लेने, श्रमिकों को उनके राज्य में केवल कागज पर नहीं बल्कि औद्योगिक इकाइयों का विकास करके समुचित रोजगार देने इन चार बिंदुओं को लेकर किसान मजदूर सेना के मंडल पदाधिकारियों के द्वारा एक मांग पत्र जिलाधिकारी को दिया गया।

जब संगठन के पदाधिकारियों ने अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह को मांग पत्र सौंपने उनके कार्यालय पर गए तो बाहर उनके अर्दली यह कह कर मना कर दिया की जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में ज्ञापन देना है तो सिटी मजिस्ट्रेट के पास जाओ। फिर संगठन के पदाधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट के पास के कार्यालय गए जहां पर सिटी मजिस्ट्रेट का कार्यालय बंद मिला। संगठन के कर्मठ कार्यकर्ताओं ने एडीएम को दोबारा ज्ञापन लेने के लिए अपनी मांग रखी बमुश्किल एडीएम साहब कार्यालय से बाहर आकर झल्लाते हुए बोले ज्ञापन देने का लेने का काम जिलाधिकारी व सिटी मजिस्ट्रेट का है मेरा नहीं। अब लाए हो तो दे दो और चलता बनो। ऐसे शब्दों से किसान मजदूर सेना के पदाधिकारी काफी आहत दिखे।

एक तरफ सरकार इस कोरोना महामारी के समय किसानों को अन्नदाता व भगवान की संज्ञा दे रही है तो वही हमारे अधिकारी गण किसानों की समस्याओं का एक मांग पत्र लेना भी मुनासिब नहीं समझते। इस कोरोना महामारी के समय यदि किसी ने देश को बचाया है तो हमारे किसानों ने बचाया है। इन्हीं किसानों के खून पसीने से इन अधिकारियों के घरों का चूल्हा जलता है। यह अधिकारी उनकी समस्याओं को सुनने के लिए राजी नहीं है। ऐसे में क्या योगी सरकार का यह कहना किसान अन्नदाता है भगवान की श्रेणी में आता है केवल चाटुकारिता महज है। यदि वास्तव में योगी सरकार और मोदी सरकार किसानों को भगवान अन्नदाता का दर्जा दे रही है तो क्या ऐसे पदाधिकारी को अपने पद पर बने रहने का हक है।

इस प्रश्न पर सरकार को विचार करना होगा और अपनी नीति स्पष्ट करनी होगी क्योंकि हमारा भारत देश कृषि प्रधान देश है। वही मोदीजी ने खुले शब्दों में अपने भाषण में कहा था कि हम किसानों की आय 2022 तक दुगनी कर देंगे जब उनके अधिकारीगण किसान समस्याओं को सुनने के लिए राजी नहीं है तो ऐसे में क्या 2022 में किसानों की आय दुगनी होगी?

अपर जिलाधिकारी द्वारा किये गए दुर्व्यवहार की किसान मजदूर सेना के पदाधिकारियों ने खुले शब्दों में निंदा की है।

ज्ञापन कर्ताओं में देवीपाटन मंडल संयोजक शुक्ला प्रसाद शुक्ला देवीपाटन मंडल प्रभारी पीके शुक्ला देवीपाटन मंडल प्रभारी चंद्रशेखर तिवारी जिला अध्यक्ष अरविंद वर्मा जिला महामंत्री श्रीधर पांडे ब्लॉक अध्यक्ष इटियाथोक कयूम खान मीडिया प्रभारी पी के द्विवेदी उपस्थित रहे।